राष्ट्रसंत प्रेम महाराज गारगव्हाण (Promoter of Humanity)के आंदोलन के बारे में दी गई जानकारी बहुत ज़रूरी है। ऐसा देखा जा रहा है कि वे इस बात से परेशान हैं कि उनका नाम 26 जनवरी 2026 को घोषित पद्म अवॉर्ड्स की ऑफिशियल लिस्ट में नहीं है।
दी गई जानकारी के अनुसार, अभी की स्थिति इस तरह है-
आंदोलन के स्टेप्स: प्रेम महाराज ने पद्म श्री अवॉर्ड की मांग को लेकर नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आमरण अनशन का ऐलान किया था।
एडमिनिस्ट्रेटिव कॉन्टैक्ट: उन्होंने माननीय द्रौपदी मुर्मू, प्रेसिडेंट (भारत सरकार) और दिल्ली पुलिस (DCP दरियागंज) को ईमेल के ज़रिए इस आंदोलन के बारे में बताया था, जिस पर ध्यान देते हुए एडमिनिस्ट्रेशन ने भी उनसे कॉन्टैक्ट किया।
हेल्थ स्टेटस: वे 31 जनवरी 2026 को दिल्ली पहुँच गए थे, लेकिन उनकी बिगड़ती सेहत की वजह से उन्हें भूख हड़ताल रोकनी पड़ी और अपने गाँव लौटना पड़ा।
अगले कदम:
1.रिप्रेजेंटेशन जमा करना: पद्म अवॉर्ड्स के लिए सिलेक्शन प्रोसेस 'पद्म अवॉर्ड्स कमिटी' करती है। अवॉर्ड न मिलने पर, इस बारे में एक रिटन रिप्रेजेंटेशन मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर्स (MHA) या लोगों के रिप्रेजेंटेटिव्स के ज़रिए दोबारा जमा किया जा सकता है।
2. सरकारी ध्यान: हमारी मांग के मुताबिक, एडमिनिस्ट्रेशन को यह बताना ज़रूरी है कि सेंट्रल गवर्नमेंट ऐसे डेडिकेटेड सोशल वर्कर्स के काम पर ध्यान दे और उन्हें ज़रूरी मदद दे।